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लेखक =रोहतास दीक्षित उपसंपादक
शाहजहांपुर में सर्राफा व्यवसायी से वसूली का मामला तूल पकड़ गया है। सर्राफ को स्मैक के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर 2 लाख रुपये मांगने के आरोप में 4 सिपाहियों पर गाज गिरने वाली है।
विभागीय जांच में चारों सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पुलिस ने उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह यूपी में पहला मामला माना जा रहा है जब करप्शन के आरोप में सीधे बर्खास्तगी की तैयारी हुई हो।
*कॉल रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत*
मामले में सर्राफ की अपने पिता से हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग को पुलिस ने अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया है। रिकॉर्डिंग में वसूली की मांग साफ सुनाई दे रही है।
*एसपी ने क्या कहा?*
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
2 सिपाही दिल्ली फरार*
नामजद मेरठ निवासी सिपाही अरुण चित्तौड़िया और तुषार गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली भाग गए हैं। दोनों वहां अपने परिचितों के माध्यम से वकीलों से संपर्क कर अग्रिम जमानत लेने की कोशिश में थे। लोकेशन के आधार पर एसओजी दिल्ली पहुंची लेकिन दोनों वहां से निकल गए। पुलिस अब संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
*आपकी क्या राय है? क्या करप्शन के बाद सीधे सेवा समाप्ति सही फैसला है? कमेंट में बताएं।*