राजा दीक्षित ब्यूरो चीफ
अलीगढ =अकराबाद = सावन माह शुरू होने पर गोपी बाजार घेवर की सुगंध से महकने लगा हैं। दुकान संचालक मांग के अनुरूप घेवर तैयार कर रहे हैं। फिलहाल क्षेत्र की प्रतिष्ठित दुकानों पर ही घेवर देखने को मिल रहा है।
घेवर सावन की विशेष मिठाई मानी जाती है। सावन माह के त्योहार हरियाली तीज-रक्षाबंधन बहन और बेटियों से जुड़े हैं। तीज पर ग्रामीण क्षेत्रों में घेवर और मीठी मट्ठी बहन और बेटियों के घर भेजने की परंपरा है। सावन माह में घेवर की बिक्री अधिक होती है। बाजार में फिलहाल दो तरह के मावा और बिना मावा वाले घेवर हैं। अभी मावे वाले घेवर की डिमांड ज्यादा देखने को मिल रही है। बाजार में कुछ दुकानो पर घेवर देखे जा सकते हैं। 200 से 300 रुपये प्रति किलो घेवर: बाजार में कई किस्म के घेवर देखने को मिलते हैं। बाजार में बिना मावा वाला घेवर 200, मावा वाला 300 रुपये प्रति किलो के रेट से बेचा जा रहा है। हलवाई स्वर्गीय विशंबर गुप्ता गांव गोपी अकराबाद के पुत्र प्रदीप गुप्ता बताते हैं कि डिमांड पर मलाई वाला घेवर तैयार किया जाता है। जिसका रेट 200 से 300 रुपये प्रति किलो रहता है। गुणवत्ता का रख रहे ध्यान:
एडीएम सिटी किशुक श्रीवास्तव ने बताया कि दुकान संचालकों को घेवर में इस्तेमाल करने वाले मावे की गुणवत्ता बेहतर रखने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है।