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श्रीमती मुन्नी देवी दीक्षित, प्रधान संपादक
अर्पित मिश्र का दावा – हंसी से साफ है ये सपाजीवी पत्रकार हैं, छवि खराब करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद वीडियो प्लांट किया गया
अलीगढ। महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव के वायरल वीडियो मामले में अब दूसरा पक्ष भी सामने आ गया है। भाजपा समर्थक अर्पित मिश्र (@arpitmishraBJP) ने एक्स पर पोस्ट कर दावा किया है कि सोशल मीडिया में जो वीडियो वायरल है उसकी सच्चाई कुछ और है।
उनके पोस्ट के अनुसार – पत्रकार की हंसी से साफ है कि ये सपाजीवी पत्रकार हैं। सीएम योगी जी की छवि खराब करने के लिए षड्यंत्र के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंची थीं। वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने और योगी जी के उठकर जाने के दौरान साजिश के तहत बनवाया गया। कम समय में ज्यादा प्रसिद्धि पाने के लिए वीडियो प्लांट कराया गया है। सवाल पूछना होता तो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछती।
यह पोस्ट Dr. Shalabh Mani Tripathi द्वारा रीपोस्ट की गई है।
पहला पक्ष क्या था:* इससे पहले सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिव्या ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछे – “क्या अपनी बात सुनाने के लिए बुलाया था, सवालों के जवाब देते जाइए मुख्यमंत्री जी।”
स्थिति:* दोनों ही दावे सोशल मीडिया पोस्टों के हवाले से हैं। किसी भी वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शासन की ओर से आधिकारिक बयान अभी प्रतीक्षित है।