Popular Posts

आरएसएस के वरिष्ठ नेता सुरेश भैयाजी जोशी ने पलक पद से दिया इस्तीफा

आरएसएस के वरिष्ठ नेता सुरेश भैयाजी जोशी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र टेस्ट के पलक संरक्षण के पद से इस्तीफा दे दिया है उन्होंने अपने इस्तीफा की वजह स्वास्थ्य संबंधी कारणों को बताया है

ख़बर के अनुसार ट्रस्ट ने जोशी को ‘पालक’ की ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। यह भूमिका ट्रस्ट के दैनिक प्रशासनिक कार्यों के बजाय संगठनात्मक मार्गदर्शन और समन्वय से जुड़ी मानी जाती थी। हालांकि, आरएसएस का कहना है कि ट्रस्ट में जोशी का कोई औपचारिक पद नहीं था, लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्हें बैठकों में मार्गदर्शक और पर्यवेक्षक की भूमिका निभाने वाला वरिष्ठ प्रतिनिधि माना जाता था।

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जोशी ट्रस्ट की बैठकों में ‘विशेष आमंत्रित सदस्य’ के रूप में शामिल होते थे। उनकी प्रमुख ज़िम्मेदारी ट्रस्ट और आरएसएस के बीच समन्वय बनाए रखना थी। चढ़ावे में कथित चोरी के आरोपों के बाद ट्रस्ट में किए जा रहे व्यापक बदलावों के बीच उनके इस्तीफ़े को भी उसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है।

चढ़ावा चोरी की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी शुरुआती जांच में मंदिर प्रबंधन और नकद चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई थीं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की आगे की जांच के लिए एक नई एसआईटी का गठन किया।

बताया जाता है कि जोशी को ट्रस्ट में यह ज़िम्मेदारी उस समय सौंपी गई थी, जब ट्रस्ट पर ज़मीन खरीद से जुड़े विवादों को लेकर सवाल उठ रहे थे। आरएसएस में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और संगठन तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच समन्वय स्थापित करने के लंबे अनुभव को देखते हुए, उनकी नियुक्ति को ट्रस्ट के कामकाज को अधिक मज़बूत और विश्वसनीय बनाने की रणनीति के तौर पर देखा गया था।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों के अलावा, जोशी के इस्तीफ़े की कोई अन्य आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।

हाल ही में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ह्विसिलब्लोअर और मंदिर ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने विशेष जांच दल को भेजे अपने बयान में मंदिर प्रबंधन पर कई नए आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में मंदिर ट्रस्ट के पूर्व सचिव चंपत राय का भी ज़िक्र है, जिन्होंने 7 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था

अपने अधिकार जानिए समाचार पत्र

श्रीमती मुन्नी देवी दीक्षित प्रधान संपादक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *