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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आज संसद में अमित शाह FCRA संशोधन बिल लेकर आ रहे हैं….ये बिल पहले ही पास हो चुका है…सिर्फ संशोधन करना है…जो अगर आज बिल रखा जाएगा तो आज ही clear भी हो जाएगा……..लेकिन…..इस संशोधन को पास करना इतना असान भी नहीं था….
* कॉंग्रेस इसके विरोध में
* अमेरिका इसके विरोध में
* इंग्लैंड इसके विरोध में
* पाकिस्तान इसके विरोध में
* वामपंथी इसके विरोध में
* मिशनरी इसके विरोध में
* NGOs इसके विरोध में
* चर्च इसके विरोध में
* सारी देश विरोधी ताकतें इसके विरोध में
आप इसी से अंदाजा लगाया लीजिए कि ये संशोधन देश के लिए कितना जरूरी हैं….और इसे पास करना कितना मुश्किल….मुश्किल संसद में संख्या बल को लेकर नहीं….मुश्किल इतनी बड़ी ताकतों के इसके विरोध में होने से…..पिछले दिनों जंतर-मंतर पर छात्रों के नाम पर जो हंगामा हुआ….वो असल मे इसी बिल के विरोध मे था जिसे छात्रों का नाम दिया गया था…..इस बिल मे संशोधन के बाद…
विदेशी फंडिंग के एक एक पैसे का हिसाब देना होगा.
सारी फंडिंग दिल्ली के एक ही SBI ब्रांच मे आ सकेगी
* NGO इस फंडिंग से अब सिर्फ 20% अपने पर्सनल इस्तेमाल के लिए खर्च कर सकेंगे जो पहले 50% था.
* जिन NGO का लाइसेंस रद्द होगा उनकी संपत्ति सरकार द्वारा बनाए ट्रस्ट के पास चली जाएगी.
……..कहने का मतलब है कि विदेश से पैसा अब नहीं आ पाएगा….और देश मे जो सम्पत्ति बना रखी है वो भी नहीं बचेगी….तो हंगामा तो होना ही था….हुआ भी…बवाल करके देख लिया…गाली गलोच करके देख लिया.नंगा नाच करके देख लिया….जमीन पर लोट गएलेकिन मोदी-शाह पर तो असर नहीं हुआ…..संशोधन होकर रहेगा….
,,,,,अपने अधिकार जाने समाचार पत्र
,,,,,, श्रीमती मुन्नी देवी दीक्षित प्रधान संपादक