1
1
कुछ दिन पहले किसी ने अखिलेश यादव की बेटी पर एक पोस्ट डाला, और फिर पोस्ट वायरल हो गई, बिरादरी बिलबिलाने लगी और साथ हीं साथ सुचिता की ज्ञान गंगा बहने लगी, बेटियां सांझी विरासत होती हैं, परिवार वालों पर अटैक नहीं करना चाहिए, यह भक्तों का चरित्र है? बाकी का प्याज लहसुन जोड़ लीजिए।
बीते दिन कुलदीप सिंह सेंगर की बेबस बेटी ऐश्वर्या रोती बिलखती अपने पिता के न्याय के लिए बात रख रही थी और इन सपाइयों ने उउके फोटो वीडियो निकाल कर उसके छवि पर गंदगी बरसाने में एक कसर नहीं छोड़ा, क्यों विवाद तो उसके पिता से है न? वो किसी की बेटी नहीं? उसकी इज्जत नहीं?
बीते दिनो बिहार चुनाव के बाद मैथिली ठाकुर की फोटो दुसरे नेताओं के साथ AI से बना कर उसके छवि पर गंदी टिप्पणियां करने में एक कसर नहीं छोड़ा सपाइयों ने, वो किसी की बेटी नहीं है??
स्मृति इरानी, कंगना रनौत के लिए कल तक जो सपाई उनके निजी जीवन में घुस कर गंदी गालियों के साथ चरित्र प्रमाण पत्र बांट रहे थे वो किसी की बेटी नहीं है??
राजनीति मुद्दा हो या सामाजिक, विचार मिले या न मिले उसपर समर्थन या विरोध होनी चाहिए, फिर इन सपाइयों, अहिर बिलारो को ये अधिकार किसने दिया है कि किसी के निजी जीवन में घुस कर चरित्र प्रमाण पत्र बांटने व गालियां देने की??
राजपूत महिलाओं के पोस्ट पर जाकर जोधा की बहन और और मुगलपुत्री बोलने वाले सपाई कौन सा नारी सम्मान और बेटी की इज्जत का बात करते हैं? अदिति यादव का न्यूज़ फर्जी है लेकिन राजपूत मुगलपुत असली है यही प्रमाणपत्र बांट रहें हैं
लेखक= रोहतास उर्फ अजय दीक्षित