1
1
पहले हम नितिन गडकरी जी को प्यार से नितिन रोडकरी कहते थे क्योंकि उन्होंने भारत में रोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर को अलग ही ऊंचाईयां दी हैं लेकिन अब वे हमारे वाहनों के लिए भस्मासुर बनकर उभरे हैं उन्होंने ई 100 फ्यूल को मान्यता प्रदान कर दी है, गडकरी सहाब पुत्रमोह में ऐसे फंस गए हैं कि अब उन्हें अपनी प्रतिष्ठा का भी जरा सा ख्याल नहीं है। वे हमारे वाहनों की ऐसी-तैसी करने में जुट गए हैं किस किस तरह का पैट्रोल लेकर आ रहे हैं कभी ई 20 कभी ई 27 कभी ई 100 अरे भाई माना आपके पुत्रों ने किसानों को मुर्ख बनाकर सस्ते में खुब सारा गन्ना खरीद लिया है मगर हमारे इंजन इसे हजम कैसे करेंगे मात्र एक महिने में ही कार वालों को एक लाख रुपए तैयार रखने पड़ेंगे और मोटरसाइकिल और स्कूटी वालों को दस हजार रुपए तैयार रखने होंगे क्योंकि महीने में इंजन बैठ जाएंगे और दोबारा ठीक करना मजबूरी है ही, साथ में कंपनियां भी इथेनॉल पैट्रोल से खराब होने वाले इंजनों की गारंटी नहीं ले रही हैं।
देश में हर महिने हजारों कंप्लेन आ रही हैं किसीका माइलेज कम हो गया है, किसी के इंजन में दिक्कत आ रही है और तो और चींटियां फ्यूल टैंक के ढक्कनों पर चढ़ रही हैं।
अगर सरकार को इथेनॉल पैट्रोल लाना ही है तो इंजनों को उसके लायक बनाना चाहिए था, जबकि जो वाहन पहले वाले इंजनों पर चलते हैं उनके लिए सही पैट्रोल का प्रबंध करना चाहिए था हर पैट्रोल पंप पर इसकी सुविधा होनी चाहिए थी।
गडकरी सहाब हम आम व्यक्तियों ने आपका और आपके पुत्रों का क्या बिगाड़ा है? आप लोग किस चीज का बदला ले रहे हैं? अरे भाई हमने तो दे वोट ले वोट आपकी सरकार बनवाई और आप हमारे साथ ये व्यवहार कर रहे हैं? माना मालिक से रूठी हुई गाय कसाई के पास नहीं जाती ।
लेखक = रोहतास उर्फ अजय दीक्षित।