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मेरा रंग फाउंडेशन के 10 साल: ‘बदलाव की आहट’ में उठे नई पीढ़ी और महिला भागीदारी के सवाल

नई दिल्ली।* मेरा रंग फाउंडेशन के दस वर्ष पूरे होने पर इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में *‘बदलाव की आहट : नई पीढ़ी, नए सवाल’* विषय पर विशेष संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवा, राजनीति, मीडिया, अभिव्यक्ति और सार्वजनिक जीवन में स्त्रियों की भागीदारी से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

‘स्त्रियों को चुप कराने के लिए चरित्र पर सवाल उठाए जाते हैं’*

समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता *नेहा यादव* ने कहा, “स्त्रियों को चुप कराना आसान है, उनके सवालों का जवाब देने के बजाय उनके चरित्र पर सवाल उठा दो।” उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय महिलाओं को वैचारिक आलोचना से ज्यादा व्यक्तिगत हमलों का सामना करना पड़ता है।

लोक गायिका *नेहा सिंह राठौर* ने कहा कि हमारे समाज की संरचना ही ऐसी है कि वह मुखर स्त्री को आसानी से स्वीकार नहीं करती।

*‘गालियां मिल रही हैं तो समझिए असर हो रहा है’*

राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय प्रवक्ता *प्रियंका भारती* ने ट्रोलिंग पर कहा, “अगर आपको गालियां पड़ रही हैं, इसका मतलब है कि आप सही कर रही हैं। जिस दिन गालियां पड़नी बंद हो जाएंगी, हम समझेंगे कि शायद हमारी धार कमजोर पड़ रही है।” उन्होंने कहा कि वे अपशब्दों को प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में देखती हैं।

*जेन-ज़ी को महानगरों से बाहर भी देखना होगा*

नेहा सिंह राठौर ने कहा कि जेन-ज़ी का मतलब सिर्फ ‘कूल’ दिखने वाले महानगरों के युवा नहीं हैं। इसमें छोटे शहरों, कस्बों के वे युवा भी हैं जो रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

स्वतंत्र पत्रकार और यूट्यूबर *श्याम मीरा सिंह* ने कहा कि आज का युवा अपनी अभिव्यक्ति के लिए नया स्पेस तलाश रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव *शाहनवाज़ आलम* ने राजनीति में युवा भागीदारी और लोकतंत्र पर अपनी बात रखी।

संवाद का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी के मैनेजिंग एडिटर *वरिष्ठ पत्रकार अतुल चौरसिया* ने किया।

*10 साल का सफर*

फाउंडेशन की संस्थापक एवं मैनेजिंग ट्रस्टी *शालिनी श्रीनेत* ने बताया कि मेरा रंग की शुरुआत 2016 में सोशल मीडिया पर एक छोटे से प्रयास के रूप में हुई थी, जिसका उद्देश्य महिलाओं और नई पीढ़ी को अपनी बात रखने का मंच देना था।

कार्यक्रम में *‘द त्रिपाठी सिस्टर्स’ – आयुषी त्रिपाठी और टियारा त्रिपाठी* ने स्त्री शक्ति पर ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किया। महिला अधिकार कार्यकर्ता *अधिवक्ता ज्योति गोयल* को ‘रंग साहस’ सम्मान दिया गया। सम्मान हिंदी के कवि-कथाकार अरुण आदित्य ने प्रदान किया। समापन पर *फौजिया दास्तानगो* ने स्त्रीवादी कविताओं की दास्तानगोई की और कथाकार *विवेक मिश्र* ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

कार्यक्रम में 4PM न्यूज़ और एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए काम करने वाले छांव फाउंडेशन की भी सहभागिता रही।

*(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)*

*- मुन्नी  देवी दीक्षित प्रधान संपादक *

*| अपने अधिकार जानिए दैनिक*

*संपर्क: 7900646571, 9458031160 | ग्राम गोपी, अकराबाद, अलीगढ़*

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