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शिव भक्ति में लीन साधक से विशेष चर्चा: ‘शक्ति आती है सेवा के लिए, दिखावे के लिए नहीं?

अलीगढ = सावन का महीना हो और शिव चर्चा न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। “अपने अधिकार जानिए” की टीम ने जनपद के एक शिव भक्त साधक से विशेष बातचीत की। नाम गोपनीय रखने की शर्त पर उन्होंने बताया कि वर्षों की शिव साधना के बाद उनके जीवन में कई आध्यात्मिक अनुभव हुए हैं।

साधक से हुई खास बातचीत के मुख्य अंश:

सवाल: लोग कहते हैं आपके पास “शक्तियों का आवा-गमन” होता है। ये क्या है

जवाब: देखिए बहन जी, शक्ति किसी के पास आती-जाती नहीं। शक्ति तो शिव में है। जब हम 24 घंटे “ॐ नमः शिवाय ॐ” में लीन हो जाते हैं, ध्यान-जप करते हैं, तो शिव कृपा से मन की शक्ति, वाणी की शक्ति और रोग निवारण की शक्ति मिल जाती है। ये मेरी नहीं, भोलेनाथ की दी हुई है।

सवाल: तो क्या आप भविष्य बता देते हैं या बीमारी ठीक कर देते हैं?

जवाब: नहीं। मैं कोई तांत्रिक या भगत नहीं हूं। मैं सिर्फ एक शिव का दास हूं। जो लोग श्रद्धा से आते हैं, उनके लिए शिवलिंग पर जल चढ़ाकर प्रार्थना कर देता हूं। ठीक करने वाला तो महादेव हैं। मैं तो माध्यम मात्र हूं। पैसा लेना तो दूर, प्रसाद भी नहीं लेता।

सवाल: आजकल तंत्र के नाम पर बहुत ठगी हो रही है। आप क्या कहेंगे?

जवाब: असली शिव भक्ति में डर, लालच और दिखावा नहीं होता। जो कहे “मैं 24 घंटे में काम कर दूंगा, इतने लाख दो” वो पाखंडी है। शिव ने जहर पीकर दुनिया बचाई। असली भक्त भी दूसरों का दुख हरने के लिए जीता है। शक्ति मिली है तो सेवा करो, सौदा मत करो।

सवाल: आम आदमी शिव को कैसे प्रसन्न करे?

जवाब : 3 चीजें बस।

1. सच्चा मन – झूठ, चोरी, छल छोड़ दो

2. सोमवार को जल – और “ॐ नमः शिवाय ॐ” के 108 जप

3. सेवा – गरीब, गाय, वृक्ष की सेवा शिव सेवा है

 

शिव को बेलपत्र और भांग नहीं, आपके आंसू और आपकी निष्ठा चाहिए।

जानकार क्या कहते हैं?

स्थानीय मंदिर के पुजारी पंडित जी का कहना है कि “साधना से सिद्धि आती है। सिद्धि से अहंकार आए तो पतन तय है। जो शिव भक्त अपनी शक्ति को छुपाकर सेवा में लगा दे, वही सच्चा शिवयोगी है।”

समाज के लिए संदेश

इस बातचीत से एक बात साफ हुई कि आध्यात्मिक शक्ति का मकसद चमत्कार दिखाना नहीं, बल्कि समाज में शांति, प्रेम और सेवा फैलाना है।

आज के दौर में जब लोग तनाव और बीमारी से परेशान हैं, शिव भक्ति मन को सबसे बड़ा सहारा देती है।

 

नोट: अखबार किसी अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता। हमारा मकसद सिर्फ ये बताना है कि सच्ची श्रद्धा और कर्म से जीवन बदला जा सकता है।

अपने अधिकार जानिए समाचार पत्र

श्रीमती मुन्नी देवी दीक्षित = प्रधान संपादक

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