Popular Posts

2013 का वो काला अध्याय जब एक ईमानदार IAS पर भारी पड़ा तुष्टिकरण

रोहतास दीक्षित उपसंपादक

    हैरानी होती है कि आज भी हिंदू समाज जातियों में बंटकर उन राम भक्तों के हत्यारों और मुस्लिम तुष्टिकरण के अपराधी समाजवादी पार्टी को वोट दे देता है।

वैसे घुटना टेकू मौनी मोहन सिंह तो भ्रष्टाचारियों के भाड़े का टट्टू था, उसकी कोई हैसियत ही नहीं थी, भला वो किस सामर्थ्य से अखिलेश को रोकता।

चंद्रशेखर जी कांग्रेस के समर्थन से प्रधानमंत्री बेशक बने, देवीलाल का उनको समर्थन था, फिर भी हरियाणा के मेहम कांड के चलते चौटाला की सरकार बर्खास्त कर दी थी। उनमें हिम्मत थी।

ज्यादा पुरानी नहीं, सन् 2013 की बात है। जिहादी आजम खान के नेतृत्व में अखिलेश यादव की सरकार ने पूरे यूपी को शर्मसार कर दिया था।

गौतमबुद्ध नगर की तेजतर्रार IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने जिले में समाजवादी खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ने की गलती कर बैठीं।

अखिलेश यादव ने बेचारी ईमानदार अधिकारी को सस्पेंड कर दिया, क्योंकि वो सपा के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही थीं।

यूपी तो छोड़ो, सारे देश में बवाल मच गया था। IAS एसोसिएशन, IPS एसोसिएशन, चीफ सेक्रेटरी, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और खुद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हस्तक्षेप किया।

मगर नमाजवादी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उस महिला IAS अधिकारी का सस्पेंशन रिवोक करने की बजाय, उसे चार्जशीट थमा दी।

इस पूरे प्रकरण में गौर करने वाली सबसे बड़ी बात ये थी कि ग्रेटर नोएडा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट रविकांत ने खुद मामले की जाँच करके रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने बाकायदा लिखा था कि दुर्गा शक्ति नागपाल ने मस्जिद की दीवार गिराना तो दूर की बात है, वहाँ अभी तक कोई दीवार बनी ही नहीं थी।

वहाँ केवल कथित मस्जिद बनाने के लिए नींव खोदी जा रही थी, क्योंकि वो जगह सरकारी थी, और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार किसी भी सरकारी जमीन पर कब्जा करना और उस पर धर्मस्थल बनाना अवैध है।

इसीलिए दुर्गा शक्ति नागपाल पर दीवार गिराने का आरोप लगाना ही सरासर गलत था। उन्होंने तो केवल सरकारी जमीन पर धर्मस्थल बनाने का प्रयास कर रहे लोगों को मात्र चेतावनी दी थी।

एक नमाजवादी मुख्यमंत्री की जिद और खुले तुष्टिकरण के चलते IAS एसोसिएशन, पूरी ब्यूरोक्रेट लॉबी, सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और प्रधानमंत्री तक पानी भरते नजर आए। प्रधानमंत्री तक की नहीं चली, क्योंकि इसी मुलायम सिंह ने जनवरी 2013 में अल्पमत में आई UPA सरकार को गिरने से बचाया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *