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अलीगंज, एटा | अपने अधिकार जानिए*
रोहतास दीक्षित
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शनिवार को तहसील अलीगंज में लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए कलम बंद हड़ताल कर दी। सभी लेखपाल तहसीलदार कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरने पर बैठे और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया कि संगठन की ओर से शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया गया है। सभी लेखपालों ने कलम बंद रखकर कार्य से विरत रहते हुए धरना-प्रदर्शन किया। धरने के दौरान लेखपाल संघ की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा गया।
*2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति प्रमुख मुद्दा*
जिलाध्यक्ष ने बताया कि लेखपाल लंबे समय से प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे दिए जाने और वेतन विसंगतियों को दूर किए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू न होने से लेखपालों को भारी परेशानी हो रही है।
पदोन्नति और डीपीसी में देरी पर नाराजगी*
संघ ने बताया कि चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी होने के बाद भी समय से डीपीसी नहीं की गई है। इसके अलावा 16 वर्षों से बाल्यावकाश में वृद्धि नहीं की गई है, जिससे महिला लेखपालों में नाराजगी है।
ग्राम सचिवालय में सुविधा और सुरक्षा की मांग*
लेखपालों ने ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग उठाई। संघ का कहना है कि सुविधाओं के अभाव के बावजूद रोस्टर लगाया जा रहा है।
तकनीकी पद घोषित करने की मांग*
जिलाध्यक्ष ने कहा कि लेखपालों से लगातार विभागीय कार्यों के साथ ऑनलाइन और तकनीकी कार्य भी कराए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक लेखपाल पद को तकनीकी पद का दर्जा नहीं दिया गया है। संघ ने लैपटॉप और मोबाइल समेत अन्य तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।
24 अक्टूबर से जिला स्तर पर धरना*
जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया कि संगठन चरणबद्ध आंदोलन कर रहा है। अलीगंज में एक दिवसीय धरने के बाद आगामी 24 अक्टूबर से जिला स्तर पर भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
धरने में जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा, अरुण कुमार, राजीव यादव, सुशील कुमार, गिरिराज, आकाश, धर्मेंद्र कुमार, संगीता, दीक्षा यादव, प्रवीण कुमार सहित तीन दर्जन से अधिक लेखपाल मौजूद रहे।