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संपादकीय: शिव भक्ति या आस्था के नाम पर ढोंग का बाजार?

भोलेनाथ के नाम पर भोले लोगों को ठगने का धंधा बंद करो”

आज मन बहुत दुखी है। मैं खुद शिव भक्त हूँ। मेरे लिए शिव का अर्थ है – जंगल के खंडहर मंदिर में एक दिया, गंगा किनारे मौन जप, और बिल्वपत्र।

लेकिन YouTube खोलो तो क्या दिखता है? दाढ़ी बढ़ाए, रुद्राक्ष पहने कुछ कथित ब्रह्मचारी बैठे हैं। एक कह रहा है – “मैं वशीकरण मंत्र दूंगा, प्रेमी वापस आएगा।” दूसरा कह रहा है – “जमीन में गड़ा धन निकालने की सिद्धि है मेरे पास।” तीसरा कह रहा है – “माया-लक्ष्मी बंधन मंत्र, रातों-रात अमीर बनो।”

मैं एक शिव भक्त के तौर पर कहता हूँ – ये सब ढोंग है, पाखंड है।शिव ने कभी किसी को वश में करना नहीं सिखाया, शिव ने तो खुद को भी भस्म कर देना सिखाया है। शिव ने गड़ा धन नहीं, मन का अहंकार निकालना सिखाया है। जो व्यक्ति दक्षिणा का रेट लिस्ट लेकर मंत्र बेच रहा है, वो ब्रह्मचारी नहीं, व्यापारी है।

ये लोग क्या कर रहे हैं?

1. आस्था का चीरहरण: भोले-भाले लोगों के दुख का फायदा उठाकर उन्हें ठग रहे हैं। 2. समाज में जहर: पति-पत्नी, परिवार में शक पैदा करने वाले वशीकरण के नाम पर घर तोड़ रहे हैं। 3. सनातन को बदनाम: बाहर की दुनिया देखती है और कहती है – देखो इनके धर्म में यही होता है।

सबसे बड़ा सवाल – प्रशासन चुप क्यों है? कानून साफ कहता है, चमत्कार के नाम पर पैसा लेना, डर दिखाकर मंत्र बेचना अपराध है।

अब जागरूकता की जरूरत है।

मैं अपने सभी पाठकों और दर्शकों से हाथ जोड़कर कहता हूँ –

• कोई भी सच्चा साधक कभी कैमरे पर सिद्धि नहीं बेचता। • कोई भी मंत्र आपका कर्म नहीं बदल सकता, सिर्फ आपका कर्म ही आपका भविष्य बदल सकता है। • अगर कोई आपसे इस तरह पैसे मांगे, तो तुरंत उसका विरोध करिए।

शिव मौन में हैं, शोर में नहीं। शिव श्मशान के एकांत में हैं, YouTube की लाइव स्ट्रीम में नहीं।

हमें अपने भोलेनाथ को इस बाजारू ढोंग से बचाना होगा। यही सच्ची शिव भक्ति होगी।

हर हर महादेव।

– संपादक, अपने अधिकार जानिए समाचारपत्र

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