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1982 के एशियाई खेलों के डाक टिकट पर वायरल पोस्ट का सच – जानें क्या कहता है सरकारी रिकॉर्ड*

अलीगढ।* इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर ‘हिन्दू वाहिनी’ जैसे पेजों से 1982 में हुए 9वें एशियाई खेल (IX Asian Games Delhi 1982) के दौरान जारी एक डाक टिकट की तस्वीर वायरल हो रही है। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह टिकट उस समय भी विवादास्पद था और इसमें जानबूझकर एक धर्म के पहलवान को दूसरे पर भारी दिखाया गया है।

*’अपने अधिकार जानिए’ की पड़ताल में क्या मिला?*

हमने इस दावे की जांच के लिए इंडिया पोस्ट के आधिकारिक कैटलॉग और नेशनल म्यूजियम के रिकॉर्ड खंगाले।

1. *टिकट जारी हुआ था, ये सच है:* यह टिकट 30 अक्टूबर 1982 को जारी हुआ था। इसका मूल्य 100 पैसे (1 रुपया) था। फिलाटेलिक कैटलॉग में यह Stamp No. IN 993, Stanley Gibbons 1057, Michel IN 922 के नाम से दर्ज है।

2. *डिजाइनर:* इसके डिजाइनर प्रसिद्ध कलाकार A. Ramachandran थे।

3. *चित्र का स्रोत:* यह किसी कुश्ती का लाइव फोटो नहीं, बल्कि नेशनल म्यूजियम, नई दिल्ली में रखी 17वीं सदी की मुगल शैली की एक पेंटिंग की अनुकृति है, जिसे चित्रकार जनकी ने बनाया था और जो मूल रूप से एक ईरानी पेंटिंग की कॉपी है। इंडिया पोस्ट ने खुद अपने विवरण में लिखा है – “Persian influence is predominant… Mughal style of early 17th century”।

4. *विवाद का कोई रिकॉर्ड नहीं:* 1982 के समाचार पत्रों या डाक विभाग के अभिलेखागार में इस टिकट को लेकर उस समय कोई विरोध या विवाद दर्ज नहीं है। यह विवाद हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर उत्पन्न हुआ है।

इसी टिकट सीरीज में कबड्डी, हॉकी, दौड़ आदि खेलों पर भी टिकट जारी हुए थे।

*निष्कर्ष:* वायरल पोस्ट में धार्मिक एंगल से किया जा रहा दावा आधिकारिक रिकॉर्ड पर खरा नहीं उतरता। प्राचीन चित्रकला को आज के धार्मिक चश्मे से देखना भ्रामक है।

*- मुन्नी देवी दीक्षित, प्रधान संपादक**अपने अधिकार जानिए समाचार पत्र  (गोपी अकराबाद अलीगढ )

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