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SIR के नाम पर 13 करोड़ वोटरों को लिस्ट से हटाकर लोकतंत्र पर प्रहार – पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह का खुला पत्र

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा – गरीबों से छीना जा रहा वोट का अधिकार*

लेखक=  मुन्नी देवी दीक्षित* प्रधान संपादक?

*नई दिल्ली।* मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) में गड़बड़ी को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सभी देशवासियों के नाम एक खुला पत्र लिखकर सनसनी मचा दी है।

अपने लंबे-चौड़े पोस्ट में आर.के. सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधा है।

*आर.के. सिंह ने क्या लिखा?*

पूर्व मंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है –

*”सभी देशवासियों के नाम खुला पत्र – क्या आप चाहते हैं कि भारत एक लोकतंत्र बना रहे? यदि हाँ तो कृपया जागें और देखें। SIR – मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण – के नाम पर वोटरों को मतदाता सूची से काट कर लोकतंत्र पर प्रहार किया जा रहा है। विशेष पुनरीक्षण के नाम पर कानून का उल्लंघन कर अभी तक 13 करोड़ मतदाताओं को मतदाता सूची से निकाला गया है। इनमें से 99 प्रतिशत गरीब भारतीय नागरिक हैं।”*

उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने प्रमाण का भार उलट दिया है, जो कानून के विरुद्ध है। आज तक सभी सरकारों और निर्वाचन आयोगों का प्रयास रहा है कि सभी पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाए, लेकिन देश के इतिहास में यह पहली बार है कि पुनरीक्षण का मकसद अधिक से अधिक मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित करना बन गया है।

आर.के. सिंह ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म 6 में एक नया परिशिष्ट (Appendix) जोड़ दिया, जबकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं था, क्योंकि फॉर्म 6 वैधानिक नियमों के तहत निर्धारित है।

विपक्ष से की ये बड़ी मांग*

आर.के. सिंह ने सवाल उठाया – “क्या ज्ञानेश कुमार ने ये सभी अवैध कार्य स्वतः किए या किसी ने उन्हें ऐसा करने का निर्देश दिया?”

उन्होंने लिखा कि विपक्ष का महाभियोग लाने का बयान व्यर्थ होगा क्योंकि उनके पास संख्या नहीं है। अगर वास्तव में निष्पक्ष चुनाव चाहिए तो –

1. ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज कराए जाएं।

2. सभी विपक्षी दल एकजुट होकर तब तक चुनाव में भाग न लें जब तक वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते।

3. नए आयुक्तों का चयन पुरानी प्रणाली – प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस वाली समिति से हो।

4. जिन राज्यों में लाखों अपीलें लंबित रहते हुए चुनाव कराए गए, उन चुनावों को निरस्त कर नए चुनाव कराए जाएं।

5. मतदान EVM की बजाय बैलेट पेपर से हो, क्योंकि दुनिया में ऐसी कोई इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली नहीं जिसे हैक न किया जा सके।

अपने पत्र के अंत में आर.के. सिंह ने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, स्टालिन, तेजस्वी यादव और पवन खेड़ा सहित कई नेताओं को टैग करते हुए पूरे देश से लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की है।

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