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नई दिल्ली/पटना।* भाकपा माले महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह की विरासत ही इस देश की असली विरासत है। भगत सिंह ने जिस भारत का सपना देखा था, हमें वैसा ही भारत बनाना है। आज की मोदी सरकार भगत सिंह के सपनों को कुचल रही है।
भट्टाचार्य शहीद भगत सिंह की *119वीं जयंती* के अवसर पर आयोजित *‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’* सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भगत सिंह महज 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए शहीद हो गए थे। आज इसी उम्र के नौजवान मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। भगत सिंह एक समाजवादी देश चाहते थे, जहां समानता हो और देश के संसाधनों पर सबका समान अधिकार हो। लेकिन आज मोदी सरकार एसआईआर के नाम पर लोगों के मताधिकार छीन रही है और संसाधनों को मुट्ठी भर पूंजीपतियों के हवाले कर रही है। अतः एसआईआर के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आगे आना होगा। ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में देश का चुनाव आयोग नहीं चल सकता।
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जेल में डाला जा रहा है और असहमति की आवाजों को कुचला जा रहा है। यूपीआई के इस्तेमाल पर चार्ज लगाने का फैसला आम जनता और रोजी-रोजगार करने वालों पर सत्ता का हमला है।
उन्होंने कहा कि भगत सिंह पूंजीवाद और साम्राज्यवाद के नाश की बात करते थे। लेकिन आज दुनिया का सबसे बड़ा साम्राज्यवादी देश अमेरिका पूरी दुनिया में अशांति फैला रहा है और मोदी सरकार उसके पिछलग्गू बनी हुई है। आज केंद्र सरकार साम्राज्यवाद की पिठ्ठू सरकार बन गई है।
भगत सिंह के दो नारे *‘इंकलाब जिंदाबाद’* और *‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’* के साथ आज *‘फासीवाद हो बर्बाद’* भी जुड़ गया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ होने वाला व्यापार समझौता भारत के किसानों और देश के आंतरिक हितों के लिए खतरनाक है। भगत सिंह के विचारों और उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए हमें साम्राज्यवाद, शोषण और असमानता के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा।
सभा में संविधान, लोकतंत्र, मताधिकार और भगत सिंह के समाजवादी भारत के सपने को साकार करने का संकल्प लिया गया।
– मुन्नी देवी दीक्षित, प्रधान संपादक*