Popular Posts

यूपी पुलिस को भंग कर दें, सारी जांच CBI को दे दें’ — सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार*

मुन्नी देवी दीक्षित प्रधान संपादक

   नई दिल्ली।* उत्तर प्रदेश पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली और जांच प्रणाली की निष्पक्षता पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बेहद कड़ी टिप्पणी की है। 4bff

जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने गहरी नाराजगी जताते हुए मौखिक रूप से कहा कि *”बेहतर होगा कि उत्तर प्रदेश पुलिस से जुड़े सभी मामलों की जांच CBI को सौंप दी जाए और यूपी पुलिस को भंग ही कर दिया जाए”*। 4bff

कोर्ट ने कहा — *”हर चीज में आपका कोई न कोई एजेंडा होता है। अगर आप मामलों को इस तरह से संभालेंगे तो लोग आप पर कैसे भरोसा करेंगे? यह नॉनसेंस कहीं तो रुकनी चाहिए”*। d3d6

क्या है मामला?*

दरअसल 2021 में बुलंदशहर के खुर्जा नगर थाने का मामला है। एक महिला ने शिकायत की थी कि उसने मोटरसाइकिल सवार को मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था, फिर भी पुलिस ने FIR ‘अज्ञात’ मोटरसाइकिल सवार के खिलाफ दर्ज कर दी। a4344bff

याचिकाकर्ता ने बताया कि जब बाइक जब्त हुई तब उस पर नंबर प्लेट भी नहीं थी, बाद में जांच में उस पर रजिस्ट्रेशन नंबर दिखा दिया गया। 4bff

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस के वकील से सीधा सवाल पूछा — *”जब व्यक्ति को मौके पर ही पकड़ लिया गया था तो आपने ‘अज्ञात’ क्यों लिखा? लोग पुलिस पर कैसे भरोसा करेंगे?”* d3d6

कोर्ट ने यूपी पुलिस के हलफनामे को “पूरी तरह निराशाजनक” बताया है और संबंधित थानाध्यक्ष को अगली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *