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अपने अधिकार जानिए — जन की बात*
लेखक =रोहतास दीक्षित उपसंपादक
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को इस बात पर जरूर सोचना होगा कि आखिर एक देश में दो तरह की वर्दी के साथ दो तरह का इंसाफ क्यों?
सीमा पर तैनात हमारा फौजी जवान — सर्दी में, धूप में, बरसात में, बर्फ में जमीन पर ड्यूटी करता है। मेहनत करता है, ईमानदारी से अपना वेतन लेता है और देश की रक्षा के लिए जान देता है। उसकी नौकरी को आज 4-5 साल की अग्निवीर योजना में बदल दिया गया।
और वहीं दूसरी तरफ, देश की पुलिस जिसके ऊपर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगते रहते हैं, उसे पूरी छूट है। आम जनता की यही राय है कि कई थानों में दरोगा रिश्वत लेकर झूठा मुकदमा लगा देता है, गलत गिरफ्तारी दिखा देता है।
एक जवान ईमानदारी से देश की रक्षा कर रहा है, और एक वर्दी वाला थाने में बैठकर उसी जनता को लूट रहा है जिसका वो रक्षक है।
सवाल ये है कि ऐसी पुलिस को राजनीतिक संरक्षण क्यों?
यह कहना है कि राजनीतिक पार्टियां अपने फायदे के लिए पुलिस का उपयोग कर रही हैं। जहां सेना राजनीति से दूर रहकर देश की सेवा कर रही है, वहीं पुलिस को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है।
यह मेरी नहीं, आम जनता की आवाज है कि जो भ्रष्टाचार में डूबी व्यवस्था है, उसका राजनीतिक संरक्षण बंद होना चाहिए।
अगर जवान के लिए अग्निवीर जैसी कड़ी परीक्षा है, तो पुलिस के लिए भी ईमानदारी और जवाबदेही की अग्निपरीक्षा होनी चाहिए। तभी आम आदमी को न्याय मिलेगा।