Popular Posts

अब AC वाली पत्रकारिता नहीं चलेगी, जमीन पर उतरना पड़ेगा

अपने अधिकार जानिए – संपादकीय टिप्पणी*

अब तक बहुत से पत्रकार AC कमरे में बैठकर, दो फोन कॉल करके, व्हाट्सएप पर आई सूचना से खबर बना देते थे। थाने की खबर थानेदार के फोन से, ब्लॉक की खबर सचिव के मैसेज से — हो गई पत्रकारिता।

पर अब वो जमाना खत्म हो गया सर।

*क्यों?*

क्योंकि AI भी वही कर रहा है। AI भी फोन की सूचना से खबर बना देगा, फोटो लगा देगा। तो फिर AC वाले पत्रकार और AI में फर्क क्या रह गया?

फर्क अब सिर्फ एक चीज का रह गया है — *जमीन की सच्चाई।*

AI धूप नहीं देख सकता, AI गांव की कीचड़ में नहीं चल सकता, AI पीड़ित के घर जाकर उसकी आंख का दर्द नहीं पढ़ सकता।

अब कलम को AC से निकालकर खेत में ले जाना पड़ेगा।

– अलीगंज की जिस गली में पानी भरा है, वहां खुद जाकर फोटो लेनी पड़ेगी।

– कोतवाली में जो गरीब न्याय के लिए बैठा है, उससे बैठकर बात करनी पड़ेगी।

– आशा वर्कर धूप में क्यों बैठी है, ये ईको गार्डन में जाकर समझना पड़ेगा।

*झूठी खबरों से अखबार नहीं चलेंगे।* AI के जमाने में जनता भी समझदार हो गई है। वो दो मिनट में पता लगा लेती है कि ये खबर कॉपी-पेस्ट है या जमीनी है।

इसलिए अब असली पत्रकार वही बचेगा जो *धूप देखेगा, धूल फांकेगा और सच लिखेगा।*

क्योंकि खबर तो AI भी दे देगा, पर *भरोसा* सिर्फ जमीन से जुड़े पत्रकार का ही रहेगा।

*— रोहताश दीक्षित*

*उप संपादक, अपने अधिकार जानिए*

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *